
खेल डेस्क. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई पाकिस्तानी क्रिकेट टीम एडिलेड में खेला गया पहला टेस्ट मैच पारी और 5 रन से हार गई। साथ ही दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-1 से पीछे भी हो गई। टीम के इतने खराब प्रदर्शन के बाद भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अपनी टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज बाबर आजम से काफी खुश हैं। उन्होंने ना केवल आजम के लिए एक बधाई संदेश भेजा, बल्कि ये भी बताया कि आजम को नंबर चार पर बल्लेबाजी करना चाहिए, ये उनके और टीम के लिए ज्यादा सही रहेगा।
इमरान ने टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम को मैसेज भेजते हुए बाबर आजम की तारीफ की। प्रधानमंत्री से मिले मैसेज के बारे में बताते हुए वसीम ने कहा, 'पीएम इमरान खान ने मुझे मैसेज करते हुए बाबर आजम को उनकी बल्लेबाजी के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने ये भी उल्लेख किया कि क्रिकेट की उनकी समझ के मुताबिक बाबर बेहद अच्छे बल्लेबाज हैं। इतनी अच्छी तकनीक के साथ उन्हें नंबर चार पर बल्लेबाजी करना चाहिए।'
बाबर ने पांचवें नंबर पर उतरकर लगायाशतक
इमरान ने बाबर को नंबर चार पर बल्लेबाजी करने की सलाह इसलिए दी, क्योंकि हाल ही में खत्म हुए ब्रिस्बेन टेस्ट की दोनों पारियों में बाबर ने नंबर पांच पर बल्लेबाजी की थी। इस दौरान पहली पारी में जहां वे सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए थे, वहीं दूसरी पारी में उन्होंने शतक लगाते हुए 104 रन की पारी खेली थी। ये उनके टेस्ट करियर का दूसरा शतक था। मैच के चौथे दिन टीम की दूसरी पारी में उन्होंने अकेले मेजबान टीम का सामना किया था।
चैपल बोले- उन्हें कम से कम नंबर चार पर खेलना चाहिए
इससे पहले पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज इयान चैपल ने भी बाबर जैसे बल्लेबाज को पांचवें नंबर पर भेजने के लिए पाकिस्तानी टीम प्रबंधन की आलोचना की थी। चैपल ने कहा था, 'मुझे लगता है कि वो (बाबर आजम) एक बहुत अच्छा खिलाड़ी है, लेकिन पाकिस्तान उसे थोड़ा और ऊपर भेजते हुए उसका ज्यादा बेहतर उपयोग कर सकता है। कम से कम चार नंबर पर।' आगे उन्होंने कहा, 'मैच में उसे नंबर चार पर बल्लेबाजी करना चाहिए थी और मैं उसे नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए देखना चाहता हूं। लेकिन निश्चित रूप से चार नंबर के बाद तो नहीं।'
किसी भी नंबर पर खेलने को तैयार बाबर
पहला टेस्ट खत्म होने के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब बाबर से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, 'जब मैंने टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरू किया था तो मेरा कोई तय स्थान नहीं था। यूनिस भाई और मिस्बाह भाई के होने की वजह से मेरा बल्लेबाजी क्रम ऊपर-नीचे होता रहता था। कभी मैं पांचवें तो कभी छठे पर उतरता था। जब हम ऑस्ट्रेलिया आए तो मैं तीन पर उतरा, फिर मैं चार पर चला गया।' आगे उन्होंने कहा, 'मैं कभी नहीं कहता कि मुझे इस नंबर पर या उस नंबर पर भेजो। टीम के लिए जो भी सबसे अच्छा होगा मैं वही काम करूंगा। मैं किसी भी स्थान पर खेलने को तैयार हूं, जहां टीम को मेरी आवश्यकता होगी। मेरा काम सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना है।'
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