टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव ने टेस्ट डेब्यू को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा लम्हा बताया है। उन्होंने खुलासा किया किजब उन्हें टेस्ट कैप मिली थी, तो वह कुछ कह ही नहीं पाए थे। कुलदीप ने बीसीसीआई टीवी पर मयंक अग्रवाल और युजवेंद्र चहल से बातचीत में यह कहा।
कुलदीप ने 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट में डेब्यू किया था।उन्होंने बताया कि तब मुझे नहीं पता था कि क्या हो रहा है और दूसरे लोग क्या बोल रहे हैं। मैं बिल्कुल खाली हो गया था।
पहला टेस्ट विकेट आज भी याद: कुलदीप
इस स्पिनर ने कहा कि मुझे आज भी अपना पहला टेस्ट विकेट याद है। डेविड वॉर्नर को आउट करनामेरे पहले बहुत बड़ा लम्हा था। तब मैं इमोशनल हो गया था,क्योंकि भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है।
टेस्ट के पहले दिन ही मुझे विकेट मिल गया, यह सोने पर सुहागा जैसा हो गया। तब इस चाइनामैन स्पिनर ने 4 विकेट लिए थे और टीम इंडिया की 8 विकेट से जीत में अहम रोल निभाया था।
'वेस्टइंडीज के खिलाफ हैट्रिक हमेशा याद रहेगी'
कुलदीप ने बीसीसीआई टीवी पर वनडे में दूसरी हैट्रिक लेने से जुड़ी कहानी भी सुनाई। उन्होंने बताया कि यह मेरे करियर का अहम पड़ाव था। वर्ल्ड कप के बाद ऐसा हो रहा था, जब मैं और युजवेंद्र चहल एकसाथ खेल रहे थे। मैंनेे काफी समय बाद वनडे टीम में वापसी की थी।इसलिए मेरे लिए यह हैट्रिक बहुत स्पेशल है।
उन्होंने दिसंबर 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ विशाखापट्टनम में यह उपलब्धि हासिल की थी।तब कुलदीप नेशाई होप, जेसन होल्डर और अलजारी जोसेफ को आउट किया था।
कुलदीप ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में पहली हैट्रिक ली थी
कुलदीप ने वनडे में पहली हैट्रिक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2017 में ली थी। तब उन्होंने कोलकाता वनडे में मैथ्यू वेड, एश्टन एगर और पैट कमिंस को आउट किया था।उन्होंनेअब तक 6 टेस्ट में 24 और 60 वनडे में 104 विकेट लिए हैं।
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https://ift.tt/30ZU2X0 June 19, 2020 at 02:51PM
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