पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनिस ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को एक सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सभी टीमों के एक तरह की बॉल ही इस्तेमाल करनी चाहिए। इसके कारण तेज गेंदबाजों को अलग-अलग कंडीशन में खेलना मुश्किल होता है।
टेस्ट क्रिकेट तीन तरह की ड्यूक, कूकाबुरा और एसजी बॉल इस्तेमाल की जाती है। पाकिस्तान समेत 8 टीमें कूकाबुरा और भारत अकेला एसजी बॉल से टेस्ट खेलता है। वहीं, ड्यूक का इस्तेमाल सिर्फ तीन टीमें इंग्लैंड, आयरलैंड और वेस्टइंडीज ही करती हैं।
‘मैं ड्यूक बॉल के पक्ष में रहा हूं’
कूकाबुरा से खेलने वाली पाकिस्तान टीम को हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर 3 टेस्ट की सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसको लेकर वकार ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के लिए लिखे एक कॉलम में कहा, ‘‘मैं हमेशा से ही ड्यूक बॉल के पक्ष में रहा हूं। मेरा मानना रहा है कि सभी टेस्ट खेलने वाली टीमों के एक ही बॉल का इस्तेमाल करना चाहिए।’’
‘कोई से भी ब्रांड की हो, लेकिन सिर्फ एक ही बॉल होनी चाहिए’
उन्होंने कहा, ‘‘यह मायने नहीं रखता कि कौन से ब्रांड की बॉल इस्तेमाल की जाए, लेकिन आईसीसी को इस पर जल्द फैसला लेना चाहिए। तेज गेंदबाज पूरी दुनिया में अलग-अलग परिस्थिति में मैच खेलते हैं। ऐसे में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।’’
इंग्लैंड में बॉल चमकाने की ज्यादा जरूरत नहीं होती
कोरोना के कारण आईसीसी ने हाल ही में बॉल को चमकाने के लिए थूक के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है। इस पर वकार ने कहा, ‘‘इस सीरीज में दोनों टीमों के सामने थूक के इस्तेमाल का प्रतिबंध भी एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि, इंग्लैंड में अलग ही तरह का मौसम होता है, ऐसे में वहां ज्यादा जरूरत भी नहीं होती है।’’
बॉल के इस्तेमाल को लेकर कोई आईसीसी नियम नहीं
बॉल के इस्तेमाल को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के कोई खास दिशा-निर्देश नहीं हैं। सभी देश अपनी कंडीशन के लिहाज से बॉल का इस्तेमाल करते हैं। भारत में एसजी, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में ड्यूक, जबकि अन्य देशों में कूकाबुरा बॉल का इस्तेमाल किया जाता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/3gYlaKq September 04, 2020 at 11:00AM
https://ift.tt/1PKwoAf