टोक्यो ओलिंपिक बोर्ड के सदस्य हारुयुकी ताकाहाशी ने कहा है कि पहले से टाले जा चुके ओलिंपिक को एक बार फिर से टालना सही नहीं होगा। इससे सरकार को बहुत ज्यादा नुकसान होगा। कोरोना के कारण मार्च में इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) ने टोक्यो गेम्स को एक साल के लिए टाल दिया था। अब यह 2021 में 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होंगे।
हाल ही में आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक ने कहा था कि यदि कोरोना के कारण अगले साल भी ओलिंपिक नहीं हो पाता है, तो इसको रद्द कर दिया जाएगा। गेम्स को आगे बढ़ाने का कोई विकल्प नहीं है।
ओलिंपिक टलने से जापान को 56 हजार करोड़ रु. का नुकसान
जापान की डेली निक्कन स्पोर्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार, ताकाशाही ने कहा है कि ओलिंपिक के रद्द होने से जापान और विश्व की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। इसके रद्द होने से काफी ज्यादा नुकसान होगा। ताकाशाही ने नुकसान की कीमत नहीं बताई है।
हालांकि, ओलिंपिक के एक साल टलने से जापान को पहले ही 56 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। साथ ही उस पर 20 करोड़ रुपए का एक्स्ट्रा खर्च भी बढ़ गया है।
रद्द करने को लेकर नहीं हुई है अभी तक चर्चा
टोक्यो ओलिंपिक के अध्यक्ष योशिरो मोरी ने 12 जून को कहा था कि खेलों को रद्द करने को लेकर आईओसी के साथ कोई बात नहीं की गई थी। उन्होंने आयोजन समिति की कार्यकारी बोर्ड की बैठक में कहा था कि आईओसी को हर पहलू पर समीक्षा के बाद ही कोई फैसला लेना चाहिए।
ओलिंपिक को टालना मुश्किल
खेलों के व्यस्त शेड्यूल के चलते ओलिंपिक का अगले साल भी टलना मुश्किल लग रहा है। 2022 में फुटबॉल का वर्ल्ड कप कतर में होना है। वहीं, बीजिंग में 2022 विंटर ओलिंपिक भी होने हैं। ऐसे में यदि कोरोना का खतरा बढ़ता है, तो टोक्यो गेम्स रद्द होने की पूरी आशंका है।
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